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अय्यूब 21
अय्यूब 21
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Book:
उत्पत्ति
निर्गमन
लैव्यव्यवस्था
गिनती
व्यवस्थाविवरण
यहोशू
न्यायियों
रूत
1 शमूएल
2 शमूएल
1 राजा
2 राजा
1 इतिहास
2 इतिहास
एज्रा
नहेम्याह
एस्तेर
अय्यूब
भजन संहिता
नीतिवचन
सभोपदेशक
श्रेष्ठगीत
यशायाह
यिर्मयाह
विलापगीत
यहेजकेल
दानिय्येल
होशे
योएल
आमोस
ओबद्याह
योना
मीका
नहूम
हबक्कूक
सपन्याह
हाग्गै
जकर्याह
मलाकी
मत्ती
मरकुस
लूका
यूहन्ना
प्रेरितों के काम
रोमियों
1 कुरिन्थियों
2 कुरिन्थियों
गलातियों
इफिसियों
फिलिप्पियों
कुलुस्सियों
1 थिस्सलुनीकियों
2 थिस्सलुनीकियों
1 तीमुथियुस
2 तीमुथियुस
तीतुस
फिलेमोन
इब्रानियों
याकूब
1 पतरस
2 पतरस
1 यूहन्ना
2 यूहन्ना
3 यूहन्ना
यहूदा
प्रकाशितवाक्य
Chapter:
1
2
3
4
5
6
7
8
9
10
11
12
13
14
15
16
17
18
19
20
21
22
23
24
25
26
27
28
29
30
31
32
33
34
35
36
37
38
39
40
41
42
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Gloss Type:
Word-by-Word
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Reference:
Hidden
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Hindi IRV
Amharic Selassie Bible
Bengali 2006 EB Interlinear
King James Version
World English Bible
Gujarati IRV (2019)
Japanese Kougo-yaku (1954/1955)
Nepali ERV
Reina Valera 1909
Sveto Pismo (Daničić-Karadžić 1868)
Telugu IRV (2019)
Ang Dating Biblia (1905)
Thai KJV
Ukrainian Ogienko (1962)
Vietnamese 1934 (Cadman)
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IPA:
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1
וַיַּ֥עַן
और–उत्तर–दिया
אִיּ֗וֹב
अय्यूब–ने
וַיֹּאמַֽר׃
और–कहा।
2
שִׁמְע֣וּ
सुनो
שָׁ֭מוֹעַ
ध्यान–से
מִלָּתִ֑י
मेरी–बात
וּתְהִי־
और–हो–यह
זֹ֝֗את
यही
תַּנְח֥וּמֹֽתֵיכֶֽם׃
तुम्हारी–सान्त्वना।
3
שָׂ֭אוּנִי
सहन–करो–मुझे
וְאָנֹכִ֣י
और–मैं
אֲדַבֵּ֑ר
बोलूँगा
וְאַחַ֖ר
और–बाद–में
דַּבְּרִ֣י
मेरे–बोलने
תַלְעִֽיג׃
ठट्ठा–करो।
4
הֶ֭אָנֹכִי
क्या–मैं
לְאָדָ֣ם
मनुष्य–से
שִׂיחִ֑י
शिकायत–करता–हूँ
וְאִם־
और–यदि
מַ֝דּ֗וּעַ
क्यों
לֹא־
नहीं
תִקְצַ֥ר
घबराए
רוּחִֽי׃
मेरी–आत्मा।
5
פְּנוּ־
मुड़ो
אֵלַ֥י
मेरी–ओर
וְהָשַׁ֑מּוּ
और–चकित–हो
וְשִׂ֖ימוּ
और–रखो
יָ֣ד
हाथ
עַל־
मुँह–पर
פֶּֽה׃
मुँह।
6
וְאִם־
और–जब
זָכַ֥רְתִּי
स्मरण–करता–हूँ
וְנִבְהָ֑לְתִּי
और–घबरा–जाता–हूँ
וְאָחַ֥ז
और–पकड़–लेती–है
בְּ֝שָׂרִ֗י
मेरे–शरीर–को
פַּלָּצֽוּת׃
कँपकँपी।
7
מַדּ֣וּעַ
क्यों
רְשָׁעִ֣ים
दुष्ट
יִחְי֑וּ
जीवित–रहते–हैं
עָ֝תְק֗וּ
बूढ़े–होते–हैं
גַּם־
और
גָּ֥בְרוּ
बलवान–भी–होते–हैं
חָֽיִל׃
शक्ति–में।
8
זַרְעָ֤ם
उनका–वंश
נָכ֣וֹן
स्थिर–होता–है
לִפְנֵיהֶ֣ם
उनके–सामने
עִמָּ֑ם
उनके–साथ
וְ֝צֶאֱצָאֵיהֶ֗ם
और–उनकी–सन्तान
לְעֵינֵיהֶֽם׃
उनकी–आँखों–के–सामने।
9
בָּתֵּיהֶ֣ם
उनके–घर
שָׁל֣וֹם
शान्ति–में
מִפָּ֑חַד
भय–से
וְלֹ֤א
और–नहीं
שֵׁ֖בֶט
लाठी
אֱל֣וֹהַּ
एलोहा–की
עֲלֵיהֶֽם׃
उन–पर।
10
שׁוֹר֣וֹ
उसका–साँड़
עִ֭בַּר
गाभिन–करता–है
וְלֹ֣א
और–नहीं
יַגְעִ֑ל
व्यर्थ–जाता
תְּפַלֵּ֥ט
बछड़ा–देती–है
פָּ֝רָת֗וֹ
उसकी–गाय
וְלֹ֣א
और–नहीं
תְשַׁכֵּֽל׃
गिराती।
11
יְשַׁלְּח֣וּ
भेजते–हैं
כַ֭צֹּאן
भेड़ों–के–समान
עֲוִילֵיהֶ֑ם
अपने–बालकों–को
וְ֝יַלְדֵיהֶ֗ם
और–उनके–बच्चे
יְרַקֵּדֽוּן׃
नाचते–हैं।
12
יִ֭שְׂאוּ
गाते–हैं
כְּתֹ֣ף
डफली–बजाते
וְכִנּ֑וֹר
और–वीणा
וְ֝יִשְׂמְח֗וּ
और–आनन्दित–होते–हैं
לְק֣וֹל
आवाज़–से
עוּגָֽב׃
बाँसुरी–की।
13
[יבלו]
बिताते–हैं
(יְכַלּ֣וּ)
भलाई–में
בַטּ֣וֹב
भलाई–में
יְמֵיהֶ֑ם
अपने–दिन
וּ֝בְרֶ֗גַע
और–क्षण–भर–में
שְׁא֣וֹל
अधोलोक–में
יֵחָֽתּוּ׃
उतरते–हैं।
14
וַיֹּאמְר֣וּ
और–कहते–हैं
לָ֭אֵל
ईश्वर–से
ס֣וּר
हट
מִמֶּ֑נּוּ
हम–से
וְדַ֥עַת
और–ज्ञान
דְּ֝רָכֶ֗יךָ
तेरे–मार्गों–का
לֹ֣א
नहीं
חָפָֽצְנוּ׃
चाहते–हम।
15
מַה־
क्या–है
שַׁדַּ֥י
सर्वशक्तिमान
כִּֽי־
कि
נַֽעַבְדֶ֑נּוּ
हम–सेवा–करें
וּמַה־
और–क्या
נּ֝וֹעִ֗יל
लाभ
כִּ֣י
कि
נִפְגַּע־
प्रार्थना–करें
בּֽוֹ׃
उस–से।
16
הֵ֤ן
देखो
לֹ֣א
नहीं
בְיָדָ֣ם
उनके–हाथ–में
טוּבָ֑ם
उनकी–समृद्धि
עֲצַ֥ת
सलाह
רְ֝שָׁעִ֗ים
दुष्टों–की
רָ֣חֲקָה
दूर–है
מֶֽנִּי׃
मुझ–से।
17
כַּמָּ֤ה ׀
कितनी–बार
נֵר־
दीपक
רְשָׁ֘עִ֤ים
दुष्टों–का
יִדְעָ֗ךְ
बुझता–है
וְיָבֹ֣א
और–आती–है
עָלֵ֣ימוֹ
उन–पर
אֵידָ֑ם
उनकी–विपत्ति
חֲ֝בָלִ֗ים
वेदनाएँ
יְחַלֵּ֥ק
बाँटता–है
בְּאַפּֽוֹ׃
अपने–क्रोध–में।
18
יִהְי֗וּ
होते–हैं
כְּתֶ֥בֶן
भूसे–के–समान
לִפְנֵי־
सामने
ר֑וּחַ
वायु–के
וּ֝כְמֹ֗ץ
और–भूसी–के–समान
גְּנָבַ֥תּוּ
छीन–लेती–है
סוּפָֽה׃
आँधी।
19
אֱל֗וֹהַּ
एलोहा
יִצְפֹּן־
संचित–रखता–है
לְבָנָ֥יו
उसके–बालकों–के–लिए
אוֹנ֑וֹ
उसका–अधर्म
יְשַׁלֵּ֖ם
बदला–दे
אֵלָ֣יו
उसी–को
וְיֵדָֽע׃
और–जाने।
20
יִרְא֣וּ
देखें
[עינו]
उसकी
(עֵינָ֣יו)
आँखें
כִּיד֑וֹ
उसका–विनाश
וּמֵחֲמַ֖ת
और–क्रोध–से
שַׁדַּ֣י
सर्वशक्तिमान–के
יִשְׁתֶּֽה׃
पीए।
21
כִּ֤י
क्योंकि
מַה־
क्या
חֶפְצ֣וֹ
चिन्ता–है–उसे
בְּבֵית֣וֹ
अपने–घर–की
אַחֲרָ֑יו
अपने–बाद
וּמִסְפַּ֖ר
और–गिनती
חֳדָשָׁ֣יו
उसके–महीनों–की
חֻצָּֽצוּ׃
कट–गई।
22
הַלְאֵ֥ל
क्या–ईश्वर–को
יְלַמֶּד־
सिखाएगा
דָּ֑עַת
ज्ञान
וְ֝ה֗וּא
और–वही
רָמִ֥ים
ऊँचों–का
יִשְׁפּֽוֹט׃
न्याय–करता–है।
23
זֶ֗ה
यह
יָ֭מוּת
मरता–है
בְּעֶ֣צֶם
पूर्ण
תֻּמּ֑וֹ
सिद्धि–में
כֻּ֝לּ֗וֹ
पूरी–तरह
שַׁלְאֲנַ֥ן
निश्चिन्त
וְשָׁלֵֽיו׃
और–सुखी।
24
עֲ֭טִינָיו
उसके–बर्तन
מָלְא֣וּ
भरे–हैं
חָלָ֑ב
दूध–से
וּמֹ֖חַ
और–मज्जा
עַצְמוֹתָ֣יו
उसकी–हड्डियों–का
יְשֻׁקֶּֽה׃
सींचा–जाता–है।
25
וְזֶ֗ה
और–यह
יָ֭מוּת
मरता–है
בְּנֶ֣פֶשׁ
प्राण–की
מָרָ֑ה
कड़वाहट–में
וְלֹֽא־
और–नहीं
אָ֝כַ֗ל
खाया
בַּטּוֹבָֽה׃
भलाई–में।
26
יַ֭חַד
एक–साथ
עַל־
धूल–पर
עָפָ֣ר
धूल–में
יִשְׁכָּ֑בוּ
लेटते–हैं
וְ֝רִמָּ֗ה
और–कीड़े
תְּכַסֶּ֥ה
ढक–लेते–हैं
עֲלֵיהֶֽם׃
उन–पर।
27
הֵ֣ן
देखो
יָ֭דַעְתִּי
जानता–हूँ
מַחְשְׁבֽוֹתֵיכֶ֑ם
तुम्हारे–विचार
וּ֝מְזִמּ֗וֹת
और–योजनाएँ
עָלַ֥י
मेरे–विरुद्ध
תַּחְמֹֽסוּ׃
निर्दय–करते–हो।
28
כִּ֤י
क्योंकि
תֹֽאמְר֗וּ
तुम–कहते–हो
אַיֵּ֥ה
कहाँ–है
בֵית־
घर
נָדִ֑יב
प्रतापी–का
וְ֝אַיֵּ֗ה
और–कहाँ–है
אֹ֤הֶל ׀
तम्बू
מִשְׁכְּנ֬וֹת
निवास
רְשָׁעִֽים׃
दुष्टों–का।
29
הֲלֹ֣א
क्या–नहीं
שְׁ֭אֶלְתֶּם
पूछा–तुमने
ע֣וֹבְרֵי
मार्ग–चलतों–से
דָ֑רֶךְ
मार्ग
וְ֝אֹתֹתָ֗ם
और–उनके–चिह्नों
לֹ֣א
नहीं
תְנַכֵּֽרוּ׃
पहचानते।
30
כִּ֤י
कि
לְי֣וֹם
विपत्ति–के–दिन
אֵ֭יד
विपत्ति
יֵחָ֣שֶׂךְ
बचाया–जाता–है
רָ֑ע
दुष्ट
לְי֖וֹם
क्रोध–के–दिन
עֲבָר֣וֹת
प्रकोप
יוּבָֽלוּ׃
ले–जाएँगे।
31
מִֽי־
कौन
יַגִּ֣יד
बताएगा
עַל־
उसके–मुँह–पर
פָּנָ֣יו
उसके–मुँह
דַּרְכּ֑וֹ
उसका–मार्ग
וְהֽוּא־
और–जो
עָ֝שָׂ֗ה
उसने–किया
מִ֣י
कौन
יְשַׁלֶּם־
बदला–देगा
לֽוֹ׃
उसे।
32
וְ֭הוּא
और–वह
לִקְבָר֣וֹת
कब्रों–में
יוּבָ֑ל
ले–जाया–जाता–है
וְֽעַל־
और
גָּדִ֥ישׁ
ढेर–पर
יִשְׁקֽוֹד׃
पहरा–देता–है।
33
מָֽתְקוּ־
मीठे–लगते–हैं
ל֗וֹ
उसे
רִגְבֵ֫י
ढेले
נָ֥חַל
नाले–के
וְ֭אַחֲרָיו
और–उसके–पीछे
כָּל־
सब
אָדָ֣ם
मनुष्य
יִמְשׁ֑וֹךְ
चलते–हैं
וּ֝לְפָנָ֗יו
और–उससे–पहले
אֵ֣ין
अनगिनत
מִסְפָּֽר׃
हो–चुके।
34
וְ֭אֵיךְ
और–कैसे
תְּנַחֲמ֣וּנִי
सान्त्वना–देते–हो–मुझे
הָ֑בֶל
व्यर्थ
וּ֝תְשֽׁוּבֹתֵיכֶ֗ם
और–तुम्हारे–उत्तरों–में
נִשְׁאַר־
रह–गया–है
מָֽעַל׃
विश्वासघात।
ס
।
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